"महफ़िल-ए-मौश़िकी" इक ऐसा जरिय़ा हैं िजसके दरमिय़ाॅं हम अपनी बात रखते हैं शाय़री، ग़जल और कविताओ के माध्यम से ।
- हमारा मकसद यह कतई भी नही होना चाइये की कोई जाति विशेष,कोई धर्मं विशेष या फिर कोई व्यक्ति विशेष आह़त हो या उनकी भावनाओ को ठेस पहुचे।
- अगर एेसा कभी भुलवश होता भी हैं तो हम तहदिल से क्षमाप्रार्थी है।
- हम सदैव आपके लिये कुछ बेहतर लिखने का प्रयास करेंगे।
- उम्मीद करता हु की आप भी हमें स्नेह और प्यार देंगें।

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